सूरज दास मानिकपुरी, कवर्धा। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल में पदस्थ 8 डॉक्टरों में से केवल 2 डॉक्टर ही ड्यूटी पर मौजूद मिले, जबकि बाकी डॉक्टर अनुपस्थित रहे। डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को घंटों परेशान होना पड़ा।
सुबह से अस्पताल पहुंचे मरीज डॉक्टरों के इंतजार में बैठे रहे। कई मरीजों को बिना उपचार वापस लौटना पड़ा। अस्पताल परिसर में अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला और लोगों में नाराजगी साफ नजर आई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में लापरवाही और डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब मरीजों पर पड़ रहा है, जो बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचते हैं।
मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जिला अस्पताल की मौजूदा स्थिति को लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ही डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे, तो आम लोगों को समय पर इलाज कैसे मिलेगा।




