रायपुर। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी देशभर में होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। इस बार होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर होगी और समापन शाम 06 बजकर 46 मिनट पर होगा। सूतक काल की शुरुआत सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर हो गई है। सूतक काल के दौरान कई सावधानी बरतनी होती है। ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान कैंची, सुई या ब्लेड जैसी धारदार और नुकीली चीजों का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस गलती को करने से गर्भवती महिलाओं को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
- इसके अलावा चंद्र ग्रहण के समय घर से बाहर भूलकर भी न निकलें। ग्रहण की रोशनी या नकारात्मक ऊर्जा गर्भवती महिलओं पर न पड़े। इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है।
- गर्भवती महिलाएं सूतक और चंद्र ग्रहण के दौरान किसी से वाद-विवाद न करें।
- किसी के बारे में गलत न सोचें।
- घर में तनावपूर्ण माहौल न बनाए।
इस तरह दूर करें चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव
- ग्रहण काल के दौरान पूजा-पाठ करने की मनाही है। ऐसे में मन ही मन में देवी-देवताओं के मंत्रों का जप करें।
- ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान कर पूजा-पाठ करें। अन्न-धन और कपड़े समेत आदि चीजों का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव दूर होता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।




