नई दिल्ली। 12 जून 2025 को एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के क्रैश होने के मामले में पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकारी जांच रिपोर्ट पक्षपाती और अधूरी है और उनके बेटे को गलत तरीके से हादसे का जिम्मेदार ठहराया गया।
याचिका में कहा गया है कि विमान में तकनीकी खराबी थी और हादसे के समय Ram Air Turbine (RAT) अपने आप खुल गया था, जो केवल तब होता है जब विमान की बिजली या कंट्रोल सिस्टम फेल हो जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि अगर सिस्टम में गड़बड़ी थी, तो पायलट को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं है।
पायलट संगठन Federation of Indian Pilots (FIP) ने भी याचिका का समर्थन किया है। संगठन का कहना है कि जांच रिपोर्ट में बोइंग 787 के सॉफ्टवेयर सिस्टम (CCS) और इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की जांच नहीं की गई।
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याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि Cockpit Voice Recorder (CVR) की रिकॉर्डिंग मीडिया में लीक कर दी गई, जिससे झूठी कहानियां फैलाई गईं और पायलट की छवि को नुकसान पहुंचा। पुष्कराज सभरवाल ने कहा कि उनके बेटे ने 15,000 घंटे बिना किसी गलती के उड़ान भरी और उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
पिता ने यह भी बताया कि 30 अगस्त को जांच टीम के दो सदस्य बिना सूचना दिए उनके घर पहुंचे और सीधे कहा कि हादसा उनके बेटे की गलती से हुआ। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि इस मामले की नई जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाए और जांच में शामिल सभी सरकारी अधिकारियों को बाहर रखा जाए।




