रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के गौरवशाली 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस को ‘रजत जयंती राज्योत्सव’ के रूप में भव्यता से मनाया जाएगा। राजधानी नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर में 1 नवम्बर से 5 नवम्बर तक पांच दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन होगा। इस दौरान मुख्य मंच और शिल्पग्राम मंच पर देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगे।
मुख्य मंच पर प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां
राज्योत्सव का शुभारंभ 1 नवम्बर को सुबह 11 बजे सुप्रसिद्ध गायिका ऐश्वर्या पंडित के मधुर गायन से होगा। इसके बाद प्रदेश के लोकप्रिय कलाकार पी.सी. लाल यादव, आरू साहू, दुष्यंत हरमुख और निर्मला ठाकुर मंच संभालेंगे। संध्या 8 बजे देश के प्रसिद्ध गायक हंशराज रघुवंशी अपनी अनूठी प्रस्तुति से कार्यक्रम की शान बढ़ाएंगे।
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2 नवम्बर को शाम 6.30 बजे से सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत होगी। इस दिन सुनील तिवारी, जयश्री नायर, चिन्हारी द गर्ल बैंड और पद्मश्री डोमार सिंह कंवर नाचा दल छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की छटा बिखेरेंगे। रात्रि 9 बजे जाने-माने पार्श्वगायक आदित्य नारायण अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से मंच को संगीत की रंगीन लहरों से भर देंगे।
3 नवम्बर को शाम 6 बजे से पद्मश्री उषा बारले पंडवानी, राकेश शर्मा सूफी-भजन तथा कुलेश्वर ताम्रकार लोकमंच की प्रस्तुतियां होंगी। रात्रि 9 बजे लोकप्रिय गायिका भूमि त्रिवेदी अपनी मनमोहक आवाज़ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
4 नवम्बर की शाम 6 बजे से कला केन्द्र रायपुर बैंड, रेखा देवार लोकगीत और प्रकाश अवस्थी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। रात्रि 9 बजे प्रसिद्ध पार्श्वगायक अंकित तिवारी अपनी सुरीली आवाज़ में एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देंगे।
राज्योत्सव की समापन संध्या 5 नवम्बर को आयोजित होगी, जिसमें शाम 6 बजे से पूनम विराट तिवारी और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। रात्रि 9 बजे विश्वप्रसिद्ध गायक कैलाश खेर अपनी दमदार आवाज़ से राज्योत्सव का भव्य समापन करेंगे।
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शिल्पग्राम मंच पर छत्तीसगढ़ की लोकधारा का प्रवाह
मुख्य मंच के समानांतर शिल्पग्राम मंच पर भी प्रतिदिन पारंपरिक, लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियों का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
- 1 नवम्बर को मोहम्मद अनस (पियानो वादन), बासंती वैष्णव (कत्थक), रमादत्त जोशी व सोनाली सेन (गायन), स्वीटी पगारिया (कत्थक), मंगलूराम यादव (बांसगीत), चारूलता देशमुख (भारत नाट्यम), दुष्यंत द्विवेदी (पंडवानी), बॉबी मंडल (लोकसंगीत) और चन्द्रभूषण वर्मा (लोकमंच) की प्रस्तुतियां होंगी।
- 2 नवम्बर को रेखा जलक्षत्रीय (भरथरी), ईकबाल ओबेराय (म्यूजिक ग्रुप), बसंतबीर उपाध्याय (मानस बैंड), दीपाली पांडेय (कत्थक), अंविता विश्वकर्मा (भारतनाट्यम), आशिका सिंघल (कत्थक), जीवनदास मानिकपुरी (लोकमंच) और जितेन्द्र साहू (सोनहा बादर) प्रस्तुति देंगे।
- 3 नवम्बर को सुरेश ठाकुर (भजन), डॉ. आरती सिंह (कत्थक), पुसउराम बंजारे (पंडवानी), राखी राय (भरतनाट्यम), गंगाबाई मानिकपुरी, संगीता कापसे (शास्त्रीय नृत्य), महेन्द्र चौहान बैंड और घनश्याम महानंद फ्यूजन बैंड दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
- 4 नवम्बर को भूमिसूता मिश्रा (ओडिसी), चैतुराम तारक नाचा दल, आशना दिल्लीवार (कत्थक), पुष्पा साहू (लोकसंगीत), पृथा मिश्रा (शास्त्रीय गायन), विजय चंद्राकर (लोकसंगीत) तथा तिलक राजा साहू (लोकधारा) प्रस्तुति देंगे।
- 5 नवम्बर को दुर्गा साहू (पंडवानी), डाली थरवानी (कत्थक), संजय नारंग (लोकसंगीत), श्री चंद्रशेखर चकोर (लोकनाट्य), नीतिन अग्रवाल (लोकसंगीत), द्वारिकाप्रसाद साहू (डंडा नृत्य) और नरेन्द्र जलक्षत्रीय (लोकसंगीत) अपनी प्रस्तुतियों से समापन दिवस को अविस्मरणीय बनाएंगे।
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लोक संस्कृति, परंपरा और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम
इस रजत जयंती राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रदेश की विविधता, लोक कलाओं की समृद्ध विरासत और राष्ट्रीय कलाकारों की सहभागिता इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाएगी।




