दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) टाउनशिप क्षेत्र में ठेका श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बिना सुरक्षा उपकरण काम कराए जाने के दौरान एक ठेका श्रमिक ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित का आरोप है कि उसने जोखिम की आशंका जताई थी, इसके बावजूद ठेकेदार और प्रबंधन के दबाव में उसे जबरन काम पर चढ़ाया गया।
यह मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। दुर्ग पुलिस अधीक्षक को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएसपी प्रबंधक राजकिशोर, दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू, महिपाल देशमुख और ठेकेदार शंकर दयाल सिंह के खिलाफ धारा 289 और 125(बी) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
शिकायत के अनुसार, ग्राम चंदखुरी निवासी ललित कुमार चन्द्राकर पिछले करीब 12 वर्षों से बीएसपी टाउनशिप में ठेका श्रमिक के रूप में विद्युत कार्य कर रहा है। 3 सितंबर 2025 की शाम करीब 4 बजे ठेकेदार शंकर दयाल सिंह उसे सेक्टर-06 स्थित जगदंबा मंदिर के पास एक बिजली पोल पर काम कराने ले गया। जिस पोल पर कार्य कराया जा रहा था, वह चैनल पोल था, जो मुड़ा हुआ और खराब स्थिति में था तथा क्रेन के सहारे खड़ा किया गया था।
ललित कुमार ने बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और गमबूट के पोल पर चढ़ने से साफ इनकार किया था और हादसे की आशंका भी जताई थी। आरोप है कि मौके पर मौजूद ठेकेदार और बीएसपी से जुड़े अधिकारियों ने “कुछ नहीं होगा” कहकर उस पर दबाव बनाया और जबरन पोल पर चढ़ा दिया।
काम के दौरान क्रेन से पोल को सहारा देकर रस्सी से खींचा जा रहा था। इसी दौरान कमर में लगा झूला खिसक गया और ललित कुमार लगभग 15 फीट नीचे गिर पड़ा। हादसे में उसके दाहिने हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हो गया।
गंभीर हालत में उसे पहले सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) अस्पताल और फिर हाइटेक अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ित का आरोप है कि इलाज के दौरान भी प्रबंधन ने कोई ठोस सहयोग नहीं किया।
ललित कुमार का कहना है कि ठेकेदार ने उसे मुआवजा देने और स्वस्थ होने के बाद दोबारा काम पर रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो मुआवजा मिला और न ही किसी तरह की आर्थिक या सामाजिक सहायता दी गई।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




