Khabarwaad Political Desk. इस वक़्त दिल्ली से बड़ी ख़बर आ रही है। दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और प्रवक्ता अजय माकन प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दे रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी और यूथ कांग्रेस के सभी बैंक खातों को सरकार ने फ्रिज कर दिया है। देश में जल्द ही लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा करने वाली है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के खाते फ्रिज होने से उनके लिए चुनाव लड़ने में मुश्किलें होंगी।
अजय माकन ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि अकाउंट फ्रीज होने के कारण ना तो सैलरी देने का पैसा है और ना ही बिल के भुगतान हो पा रहे हैं। हमारे देश पर तालाबंदी हो गई। हमारे देश में डेमोक्रेसी फ्रिज हो गई है। हफ्ते रह गए हैं चुनाव की तारीखों के ऐलान के लिए इस बीच यह कदम उठाकर सरकार क्या साबित करना चाहती है। देश की प्रमुख पार्टी के अकाउंट्स फ्रीज कर दिए गये हैं। इनकम टैक्स विभाग ने 210 करोड़ रुपए की रिकवरी मांगी है।
इनकम टैक्स की फाइलिंग से जुड़ा है मामला
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि 2018-19 के इनकम टैक्स फाइलिंग को आधार बनाकर करोड़ों रुपए मांगे जा रहे हैं। ये बड़े शर्म की बात है, लोकतंत्र की हत्या है। लोक सभा चुनाव से पहले हमारे अकाउंट फ्रिज कर दिए गए हैं। कांग्रेस पार्टी मेंबरशिप ड्राइव के जरिए यूथ कांग्रेस से पैसा इकट्ठा करती है और वो भी फ्रीज कर दिए गए हैं।
पार्टी बैंक से नहीं निकाल पा रही है पैसे
माकन ने कहा कि पार्टी को रिटर्न फाइल करने में देर हो गई थी। लेकिन 45 दिन का टाइम दिया गया था। इसका मतलब यह नहीं है कि खाता ही फ्रीज कर दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि सब कुछ प्रभावित हो गया है उनके पास बिजली का बिल भरने, सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं। बैंक में पैसे जमा नहीं कर पा रहे हैं। बैंक से पैसा भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
कल ही इलेक्टोरल बॉन्ड पर आया फैसला
बता दें कि एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड की वैधता को असंवैधानिक बताते हुए उसे रद्द कर दिया था। सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा था कि इससे सूचना के अधिकार का उल्लंघन होता है। इसलिए इलेक्टोरल बॉन्ड को वैध नहीं माना जा सकता। इतना ही नहीं कोर्ट ने अब इलेक्टोरल बॉन्ड की खरीद पर रोक लगाते हुए एसबीआई से कहा था कि वह चुनाव आयोग को बॉन्ड का पूरा ब्योरा मुहैया कराए। कोर्ट ने चुनाव आयोग को भी आदेश दिए थे कि वह ब्योरे को सार्वजनिक करे।




