ख़बरवाद नेशनल डेस्क। दुनिया एक बार फिर कोविड संक्रमण के नए वैरिएंट से खतरे में है। ऐसे में एक बार फिर पेंडमिक की स्थिति बन सकती है। लेकिन अगर हम अभी से जागरूक होकर सतर्कता बरते तो कोविड 19 के इस नए वैरिएंट को हम मात दे सकते है। इसके लिए हमें कोविड वातारण के अनुकूल फिर एक बार ढलना होगा। दो गज की दूरी के साथ मास्क का उपयोग करना होगा। सोशल गेदरिंग से भी हमें बचने की आवश्यकता है।
देश के दो राज्यों में कोविड के नए वैरिएंट की पुष्टि
अब तक गुजरात में तीन और ओडिशा से एक BF.7 मामला सामने आया है। गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र द्वारा अक्तूबर में भारत में BF.7 के पहले मामले का पता चला था। अमेरिका की यात्रा करने वाली एक महिला को वडोदरा में 18 नवंबर को BF.7 वैरिएंट पॉजिटिव पाया गया था। होम आइसोलेशन के बाद वह ठीक हो गई और अब उनकी स्थिति सामान्य है।
क्या देश को है वैक्सीन के चौथे डोज की जरुरत ?
AIIMS की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल चौथे डोज की जरूरत नहीं है। AIIMS के पूर्व निदेशक ने वर्तमान में भारत में कोरोना के चौथे डोज से इनकार किया हैं। एक मीडिया चैनल से बात करते हुए उन्होंने बताया कि ‘कोई भी डेटा नहीं है, जो बताता हो कि चौथे डोज की जरूरत हो। इसकी जरूरत तब तक नहीं होगी जब तक बाइवेलेंट वैक्सीन की तरह किसी खास वेरिएंट के लिए कोई नई वैक्सीन नहीं आती।’




