नई दिल्ली। भारत में कस्टम विभाग ने ASEAN-India Free Trade Agreement (AIFTA) के तहत 0% ड्यूटी पर आयात किए गए कॉपर पाइप और ट्यूब्स को लेकर बड़ी जांच शुरू की है। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के करीब 2000 आयातकों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर गलत HS कोड का इस्तेमाल कर शून्य आयात शुल्क का फायदा उठाया। कस्टम विभाग अब इनसे 35% तक की ड्यूटी, बैंक गारंटी और प्रोविजनल ड्यूटी की मांग कर रहा है। यह कार्रवाई वियतनाम से मिले थर्ड पार्टी डेटा के आधार पर की गई है, जिस पर आयातकों ने सवाल उठाए हैं।
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MSME और इंडस्ट्री में मचा हड़कंप
Bombay Metal Exchange (BME) ने इसे “मनमानी” करार देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से हस्तक्षेप की मांग की है। BME अध्यक्ष संदीप जैन का कहना है कि “हमने सभी नियमों का पालन किया, फिर भी हमें डिफॉल्टर बना दिया गया।” MSMEs का दावा है कि उन्होंने AIFTA के तहत वैध “Certificate of Origin” के आधार पर माल मंगाया था, जिसे पहले भारतीय कस्टम ने स्वीकार भी किया था।
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एसी-फ्रिज कंपनियों पर पड़ेगा असर
कॉपर पाइप की आपूर्ति रुकने से Daikin, Voltas, LG, Bluestar और Samsung जैसी कंपनियों की उत्पादन लाइन पर असर पड़ सकता है। छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को डर है कि यदि यह कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो उन्हें उत्पादन बंद करना पड़ सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार और सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। फिलहाल उद्योग जगत और आयातक इस फैसले को लेकर चिंतित हैं और केंद्र सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।




