बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए के. सी. वीरेंद्र और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पीएमएलए, 2002 (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत 6 सितंबर को कर्नाटक के चल्लेकेरे क्षेत्र में की गई।
तलाशी के दौरान ईडी ने 21.43 किलोग्राम सोने के बुलियन, 10.985 किलोग्राम सोने से मढ़े चांदी के ब्लॉक और करीब 1 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए। बरामद सोना-चांदी की कुल कीमत लगभग 24 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक इस केस में जब्त की गई अपराध से अर्जित संपत्ति (POC) 100 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
ईडी का कहना है कि आरोपियों ने निवेश के नाम पर लोगों से भारी रकम जुटाई और उसे सोना-चांदी जैसी परिसंपत्तियों में छिपाकर रखा। इस नेटवर्क में हवाला चैनलों और फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर अवैध लेनदेन किया गया। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड, वॉलेट ट्रांजैक्शन और फर्जी निवेश योजनाओं की गहन जांच कर रही हैं।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और डिजिटल आर्थिक अपराधों के खिलाफ बड़ा कदम है। केंद्र और राज्य सरकारें इस मामले को गंभीरता से लेकर अन्य संबंधित मामलों की जांच में जुट गई हैं। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।




