Bilaspur Fraud Case : सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले व्यवसायी ने अपने साथियों को NGO एनजीओ में रकम निवेश करने पर मुनाफे का लालच दिया। उसने साथियों से रकम लेकर एनजीओ के संचालक को दे दी। एनजीओ के संचालक ने धोखाधड़ी की तो उसके खिलाफ जुर्म भी दर्ज कराया। बाद में साथियों को धोखा देते हुए एनजीओ संचालक से साठगांठ कर पूरी रकम हड़प ली। मामले की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले व्यवसायी मनीष कुमार ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। पीड़ित ने बताया कि उनके पहचान के व्यवसायी राजेश अग्रवाल ने बिहार में संचालित एनजीओ में 30 लाख रुपये लगाने पर तीन महीने में 10 लाख रुपये मुनाफे की बात कही थी। इस पर व्यवसायी मनीष कुमार ने अपने दोस्तों से रकम लेकर राजेश को दे दिया। राजेश ने रकम एनजीओ संचालक राजेश पाठक और उसके साथी रामाशीष कुमार व प्रकाश को दे दिए। राजेश के एफआइआर कराने पर एनजीओ संचालक उससे मिला। उसने राजेश अग्रवाल के खाते में पांच लाख रुपये जमा करा दिए।
इसी आधार पर राजेश अग्रवाल ने उसकी जमानत आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं की। इसके बाद दूसरे आरोपित रामाशीष की गिरफ्तारी हुई। इस दौरान भी राजेश के खाते में 15 लाख रुपये और पांच लाख का चेक दिया गया। इसके बाद दूसरे आरोपित की जामनत भी मंजूर हो गई। इधर राजेश अग्रवाल आरोपित की जमानत नहीं होने की बात कहता रहा। न्यायालय की वेब कापी में हेरफेर कर मनीष को दिखाया। इसके बाद वह रकम लौटाने अलग-अलग बहाने बना रहा है। मामले की शिकायत पर पुलिस ने राजेश अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।




