रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा ” मोर आवास मोर अधिकार विषय को लेकर पिछले 2 महीने से हम लगातार गांव गांव गए , कांग्रेस विधायकों के निवास का घेराव किया, एसडीएम कार्यालय के घेराव किया. व्यापक रूप से प्रदेश के 16 लाख परिवार जो प्रधानमंत्री आवास से वंचित हुए हैं भूपेश सरकार के कारण , इसी तरह से चार लाख से ज्यादा परिवार शहर के होंगे। जिन्हें प्रधानमंत्री आवास से वंचित होना पड़ा है. वह परिवार जो प्रधानमंत्री आवास से वंचित हुए हैं. अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए राज्य विधानसभा का कल घेराव करेंगे. एक लाख से अधिक की संख्या में विधानसभा घेराव का आंदोलन होगा. इस घेराव में 75% से अधिक हितग्राही होंगे जो अपनी आवाज को बुलंद करेंगे.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा ” प्रारंभ में भूपेश बघेल की सरकार ने कहा इसमें प्रधानमंत्री शब्द लिखा है इसलिए हम इस योजना को नहीं देंगे और अब नई नई प्रकार की बात वह कर रहे हैं। सर्वे कराने की बात कर रहे हैं सर्वे बहुत पहले से हो कर रखा है 2011 की सर्वे सूची है , 2016 में फिर सर्वे हुआ फिर एक सूची बनी। फिर भी लोगों के बीच भ्रम पैदा करने के लिए नए सर्वे की बात वह कर रहे हैं. वास्तविकता यह है भूपेश बघेल कांग्रेस पार्टी की सरकार की नियत हई नहीं है लोगों को आवास देने का. कांग्रेस अपने मंत्री के पत्र को झुठला सकते हैं क्या , स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा देते समय उन्होंने जो बात लिखी है कि बार-बार मैं उसके आवंटन की मांग कर रहा हूं. हम एक भी मकान नहीं बना पाए हैं. उस बात के विपरीत आज कांग्रेस के लोगों के बयान आते हैं. क्या वह झुठला सकते हैं कि एक मंत्री ने जो पत्र में बातें लिखी है. नरेंद्र मोदी ने जो प्रधानमंत्री आवास देने का सपना देखा कांग्रेस शासित अन्य राज्य भी मकान दे रहे हैं पर राज्य की भूपेश बघेल की सरकार गरीबों के साथ अन्याय और अत्याचार कर रही है. इस अन्याय अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए उनको चुनौती देते हुए कल हम विधानसभा घेराव करेंगे.”
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा ” प्रदेश की कांग्रेस सरकार गरीबों से घृणा करने वाली सरकार है. प्रधानमंत्री आवास के लिए सत्र में दो घटनाएं घटी , 2 लाख 30 हज़ार आवास के लिए उन्होंने बजट में दो हजार करोड़ देने की घोषणा की. इसके 2 दिन पहले उन्होंने कहा था कि हम फिर से सर्वे करवाएंगे. 2011 के सेंसेस पुराने हो गए हैं. हमने उत्तर में उन्हें कहा कि सेंसेस पूरे देश में लागू होता है , किसी भी मीडिया के सामने बहस हो जाए. 16 लाख आवास स्वीकृत है और वह कहते हैं 8 लाख उन्होंने बनाए तो टेबल के सामने प्रस्तुत करिए कि कौन से साल में कितने बने. यह भाजपा के समय के बने हैं , भाजपा सरकार के समय छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना में पहले नंबर पर था आज अगर आप देखेंगे तो छत्तीसगढ़ कहां पर है यह पता नहीं चलेगा. शहरी आवास में आज आसंदी ने व्यवस्था दी है 450 करोड़ रुपए राज्यांश दिए हैं ना बजट में इसकी कोई व्यवस्था है. मंत्री जी कहते हैं कि केंद्र का पैसा नहीं मिला इसलिए आवास नहीं बना है , हमने उनको नोटिस दिया है और आज आसंदी ने व्यवस्था दी है कि हम उसकी जांच करेंगे.
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा “हम मीडिया के माध्यम से चुनौती देते हैं कांग्रेस सरकार के मंत्री रविंद्र चौबे और मुख्यमंत्री से ग्रामीण आवास या शहरी आवास में जहां पर जिसके सामने खुली बहस करना चाहे भाजपा के साथ हम उसके लिए तैयार है।”




