chhattisgarh liquor scam case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज ईडी दफ्तर में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और हरीश लखमा से लगभग 8:30 घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद दोनों ईडी दफ्तर के बाहर आए, जहां कवासी लखमा ने अधिकारियों के सवालों का जवाब देने की बात कही।
कवासी लखमा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि, “ईडी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज मैंने उन्हें सौंप दिए हैं, हालांकि मेरे द्वारा पूछे गए सवालों का ईडी ने जवाब नहीं दिया। जो कागज मांगे गए थे, वे मैंने पेश किए हैं। कुछ कागज अभी बाकी हैं, जिनके लिए मैंने और समय मांगा है। मेरी बेटी और पत्नी ने संपत्ति का ब्योरा दिया है, जबकि बड़े बेटे और बहू का ब्योरा अभी बाकी है।”
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chhattisgarh liquor scam case: कवासी लखमा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, “बीजेपी ने जानबूझकर मुझे परेशान करने के लिए आरोप लगाए हैं। यह आरोप सरकार और बीजेपी द्वारा लगाए गए हैं। मैं इस लड़ाई को अंतिम तक लडूंगा। आदिवासियों के हक के लिए संघर्ष करता रहूंगा।”
उन्होंने घोटाले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं घोटाले को कबूल नहीं कर रहा हूं, लेकिन जांच चल रही है। अगर दो नंबर की शराब भेजी गई है, तो अधिकारी के घर में क्यों नहीं बन रही थी? शराब कंपनियों पर जांच क्यों नहीं हो रही है?” ईडी ने गुरुवार को जारी बयान में कहा था कि कवासी लखमा के घर से कई साक्ष्य मिले हैं, जिसमें नकद लेन-देन और आपत्तिजनक डिजिटल डिवाइस शामिल हैं।
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chhattisgarh liquor scam case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ईडी की कार्रवाई लगभग दो साल से चल रही है और कई अधिकारी और नेताओं के रिश्तेदार इस मामले में जेल में बंद हैं, जिनमें रायपुर मेयर के भाई अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी शामिल हैं। ईडी की जांच लगातार जारी है और शराब घोटाले से जुड़े अन्य नेताओं और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।




