रायपुर। बस्तर पंडुम को लेकर सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस ने इसे सियासी ड्रामेबाजी कहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर पंडुम के नाम करोड़ों फूंकने और शोबाजी करने का आरोप लगाया है. बैज ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि बस्तर में विकास को छोड़कर सब हो रहा है. आदिवासियों को उनका हक-अधिकार देना छोड़, दिल्ली में फोटोबाजी कराई जा रही है.
बैज ने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासियों की आदिम संस्कृति और परंपरा है. लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे हाईजैक कर लिया है. पंडुम के नाम पर सियासी ड्रामेबाजी कर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए जा रहे हैं. बस्तर में फरवरी में आयोजित पंडुम कार्यक्रम में राष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री को बुलाकर जो एक सप्ताह का कार्यक्रम किया गया उसमें 6 करोड़, 14 लाख, 78 हजार, 943 रुपये फूंक दिए गए. जबकि इसकी आवश्यकता ही नहीं थी. इन पैसों को आदिवासियों के विकास में खर्च किए जा सकते थे.
बैज ने कहा कि बस्तर में सब हो रहा है, लेकिन विकास नहीं हो रहा है. बस्तर के गांवों सड़क, पुल, बिजली, पानी का काम रुका पड़ा है. बोधघाट बनाने के नाम पर 56 गांवों को उजाड़ने का प्रस्ताव बनाया जा रहा. बस्तर के लोगों को आज फोटोबाजी की नहीं, नौकरी की आवश्यकता है. बस्तर में रोजगार की जरूरत है. सरकार बस्तर के लोगों सिर्फ सपने दिखाने में लगी है. बस्तर के लोग पूछ रहे हैं नक्सल मुक्त गांवों को 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था. वादा पूरा नहीं हुआ. डीएमएफ, सीएसआर का पैसा कहां जा रहा पता ही नहीं. सरकार को आदिवासियों का विकास करना चाहिए. आदिवासी अपना पंडुम खुद ही मना लेंगे.




