रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने रविवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करती है तो जनता आगामी चुनाव में कांग्रेस को मौका देगी और उनकी सरकार आकर व्यवस्था में सुधार करेगी।
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया, कुमार मेनन, पंकज शर्मा, आकाश शर्मा, पप्पू बंजारे सहित कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. महंत ने राहुल गांधी के NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर भी विस्तार से बात की।
अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार को घेरा
मुख्यमंत्री द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को “लचर” बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. महंत ने कहा कि यदि प्रस्ताव इतना कमजोर था तो सरकार ने उसका जवाब देने में कई घंटे क्यों लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी उपलब्धियां बताने के बजाय पूरे समय पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार की आलोचना करती रही।
मंत्रियों पर लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे “दुकानदारी” बंद करें। उन्होंने आरोप लगाया कि धान, कोयला, शराब और रेत जैसे क्षेत्रों में अनियमितताएं हो रही हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
NEET मुद्दे पर राहुल गांधी के अभियान का समर्थन
डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभियान चला रही है। उनका आरोप था कि वर्ष 2014 के बाद देश में अनेक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने इसे प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि व्यवस्था की गंभीर समस्या बताया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, शिक्षा का व्यावसायीकरण रोका जाए, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर भी साधा निशाना
डॉ. महंत ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार परीक्षा पत्रों की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी टिप्पणी की और दावा किया कि वे इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोका गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी बोले
सोनम वांगचुक के दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर डॉ. महंत ने कहा कि केंद्र सरकार को उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहती, लेकिन सरकार को उचित संरक्षण और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।




