नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रविवार को दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इनमें द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली सेक्शन और शहरी विस्तार सड़क-II (UER-II) शामिल हैं।
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करीब 11,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी ये परियोजनाएं न केवल दिल्ली-एनसीआर में आवागमन को सुगम बनाएंगी, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं।
UER-II से बचेगा समय, ट्रैफिक घटेगा
शहरी विस्तार सड़क-II के शुरू होने से अब सिंघु बॉर्डर से द्वारका एक्सप्रेसवे तक का सफर, जो पहले लगभग ढाई घंटे में पूरा होता था, वह अब सिर्फ 40 मिनटमें संभव होगा। इस परियोजना से रोजाना दिल्ली में प्रवेश करने वाले लगभग तीन लाख वाहनों को शहर के भीतर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे भीड़भाड़ में स्पष्ट कमी आने की उम्मीद है।
द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली सेक्शन: एक आधुनिक ट्रांजिट कॉरिडोर
10.1 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली हिस्से को 5,360 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें शिव मूर्ति चौक से द्वारका सेक्टर-21 तक 5.9 किलोमीटर और द्वारका सेक्टर-21 से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक 4.2 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है।
यह सेक्शन दिल्ली मेट्रो की ब्लू और ऑरेंज लाइन, यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, प्रस्तावित **बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका क्लस्टर बस डिपो से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इससे यात्रियों और कारोबारियों दोनों को लाभ मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सरकारी एजेंसियों का मानना है कि ये परियोजनाएं दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट में गेम-चेंजरसाबित होंगी। एक ओर द्वारका एक्सप्रेसवे यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, वहीं UER-II दिल्ली के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर दबाव कम करेगा। इसके अलावा, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के जरिए आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।




