Close Menu
KhabarwaadKhabarwaad
    Top Posts

    117 वर्षों से चली आ रही गणेशोत्सव की परंपरा में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    September 14, 2026

    भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    September 14, 2026

    गणेश चतुर्थी का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    September 14, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • 117 वर्षों से चली आ रही गणेशोत्सव की परंपरा में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    • भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    • गणेश चतुर्थी का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
    • तारा कोल ब्लॉक पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव का पलटवार, बोले-
    • PSC परीक्षा से तारा कोल ब्लॉक तक… दीपक बैज का BJP सरकार पर बड़ा हमला, बोले-
    • बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    • झरने, जंगल और जनजातीय संस्कृति ने दिलाया सम्मान, छत्तीसगढ़ बना ‘Best Emerging Tourist Destination’
    • रायपुर में खाद-बीज कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, 3 व्यापारियों पर FIR; 9 संस्थानों की बिक्री पर रोक
    Facebook X (Twitter) Instagram
    KhabarwaadKhabarwaad
    Tuesday, September 15
    • Home
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर संभाग
      • दुर्ग संभाग
      • बिलासपुर संभाग
      • बस्तर संभाग
      • सरगुजा संभाग
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • अफसरशाही
    • खेल
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
    • राशिफल
    • Auto & Gadget
    KhabarwaadKhabarwaad
    Home » Dussehra 2025: जानें क्या रहेगा रावण दहन का मुहूर्त

    Dussehra 2025: जानें क्या रहेगा रावण दहन का मुहूर्त

    Shrikant BaghmareBy Shrikant BaghmareSeptember 29, 2025 धर्म एवं समाज No Comments3 Mins Read

    इस बार दशहरा का पर्व 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि, भगवान राम ने अश्विन महीने की पहली तारीख से लेकर नवमी तक मां दुर्गा की खास पूजा-अर्चना की थी. फिर, दशमी के दिन उन्होंने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था. इसी वजह से दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है.  हर साल इस दिन देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं. रावण दहन देखकर बच्चों को यह समझाना चाहिए कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, एक दिन उसकी हार निश्चित होती है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है. तो चलिए जानते हैं कि दशहरा के दिन रावण दहन का क्या मुहूर्त रहेगा.

    हिंदू पंचांग के अनुसार, दशहरा की दशमी तिथि की शुरुआत 1 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 01 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 2 अक्टूबर, गुरुवार शाम 7 बजकर 10 मिनट पर होगा.

    दशहरा 2025 पूजन मुहूर्त

    2 अक्टूबर को दशहरा के दिन पूजन के लिए सबसे विशेष मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, जिसकी अवधि 47 मिनट की रहेगी. वहीं, अपराह्न पूजा का समय (देवी अपराजिता और शस्त्रों के पूजन का समय) दोपहर 1 बजकर 21 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगा, जिसकी अवधि 2 घंटे 22 मिनट की रहेगी.

    दशहरा 2025 रावण दहन मुहूर्त

    दशहरा या कहें विजयादशमी के दिन रावण दहन हमेशा प्रदोष काल में किया जाता है. प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद शुरू होता है. इस दिन सूर्यास्त का समय शाम 6 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगा और इसी के बाद से रावण दहन भी शुरू हो जाएगा.

    दशहरा के दिन क्या करना चाहिए?

    दशहरे के दिन शमी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है. अगर आपके पास बगीचा है तो वहां या फिर घर में गमले में शमी का पौधा लगा सकते हैं. इस पौधे को दक्षिण दिशा में रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती और खुशहाली बनी रहती है. वहीं, एक परंपरा है कि दशहरे के दिन झाड़ू खरीदकर मंदिर में दान करना चाहिए और जरूरतमंदों को भी देना चाहिए, इससे आर्थिक स्थिति अच्छी होती है.

    दशहरा के दिन न करें ये गलतियां दशहरे के दिन झगड़ा-फसाद करने से बचना चाहिए. साथ ही, झूठ बोलकर काम नहीं बनाना चाहिए और परिवार में विवाद नहीं बढ़ाना चाहिए. बल्कि, लोगों को मिलजुल कर घर का सकारात्मक माहौल बनाना चाहिए. साथ ही, इस दिन भगवान राम की पूजा कर उनकी प्रार्थना करनी चाहिए कि हमारे जीवन में साहस, समृद्धि और सुख बढ़े.

    • Get News Portal Website @Rs.5999 | WhatsApp on +91 8871571321
    • Get Web Hosting @Rs49 | Visit - HostRT.in
    Share. Facebook Twitter LinkedIn Email Telegram WhatsApp
    Shrikant Baghmare
    • Website

    Keep Reading

    श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा जन्माष्टमी पर्व, जानें पूजा का शुभ समय और विधि

    हरेली तिहार: छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कृषि परंपरा और गेड़ी से जुड़ा लोकपर्व

    रुद्राभिषेक के लिए ये हैं सबसे शुभ तिथियां, जानें कब मिलेगा महादेव का विशेष आशीर्वाद

    सावन में करें अपराजिता के फूल से जलाभिषेक, सुख-समृद्धि की है धार्मिक मान्यता

    Ekadashi 2026 List: नए साल में कब-कब पड़ेगी एकादशी, देखें पूरी लिस्ट

    अधिकमास 2026: विक्रम संवत 2083 में दो ज्येष्ठ मास, वर्ष बनेगा 13 महीनों का

    Add A Comment

    Comments are closed.

    Khabarwaad Vacancy

    Pages

    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    Categories

    • छत्तीसगढ़
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    •  
    • खेल
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • मनोरंजन

    Owner / Editor Details :- 

    Name :- Shrikant Baghmare

    Contact :- 6264 390 985

    Email :- khabarwaadnews@gmail.com

     

    © 2026 Maintained By RTISPL
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms of service
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.