Close Menu
KhabarwaadKhabarwaad
    Top Posts

    हाई कोर्ट सख्त: प्रशासनिक जरूरतों के नाम पर चाइल्ड केयर लीव नहीं रोकी जा सकती

    July 25, 2026

    NEET मुद्दे पर भी गरजे भूपेश बघेल, बोले- धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, छात्रों को मिले न्याय

    July 25, 2026

    बेंगलुरु दौरे से लौटे सीएम साय, बिजली बिल समाधान योजना पर दी बड़ी जानकारी

    July 25, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • हाई कोर्ट सख्त: प्रशासनिक जरूरतों के नाम पर चाइल्ड केयर लीव नहीं रोकी जा सकती
    • NEET मुद्दे पर भी गरजे भूपेश बघेल, बोले- धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, छात्रों को मिले न्याय
    • बेंगलुरु दौरे से लौटे सीएम साय, बिजली बिल समाधान योजना पर दी बड़ी जानकारी
    • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण
    • अतिथि शिक्षकों ने वापस ली हड़ताल, बोले- 5 सितंबर तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन
    • महादेव बेटिंग ऐप केस: विकास गर्ग 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल, ED पूछताछ में बड़े खुलासे
    • छत्तीसगढ़ चुनेगा अपनी पहली राजकीय तितली: 31 अगस्त तक आम नागरिकों से मांगे गए सुझाव, ऐसे कर सकते हैं वोट
    • लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के दिए निर्देश
    Facebook X (Twitter) Instagram
    KhabarwaadKhabarwaad
    Saturday, July 25
    • Home
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर संभाग
      • दुर्ग संभाग
      • बिलासपुर संभाग
      • बस्तर संभाग
      • सरगुजा संभाग
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • अफसरशाही
    • खेल
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
    • राशिफल
    • Auto & Gadget
    KhabarwaadKhabarwaad
    Home » Electoral Bond Case: इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में नहीं होगी SIT जांच, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

    Electoral Bond Case: इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में नहीं होगी SIT जांच, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

    Shrikant BaghmareBy Shrikant BaghmareAugust 2, 2024 trending No Comments3 Mins Read
    Electoral Bond Case

    Electoral Bond Case:  इलेक्टोरल बॉन्ड मामले सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी (SIT) जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि इस मामले में SIT जांच नहीं होगी। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा नियम के मुताबिक याचिका स्वीकार करना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता हाई कोर्ट जा सकते हैं। याचिका में चंदे के बदले कपनियों को लाभ का आरोप था। इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को रद्द कर दिया था, क्योंकि इसमें राजनीतिक चंदे को पूरी तरह से अज्ञात कर दिया गया था।

    Electoral Bond Case:   सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यह मामला हवाला कांड, कोयला घोटाला की तरह है। इन मामलों में न केवल राजनीतिक दल बल्कि प्रमुख जांच एजेंसियां ​​भी शामिल हैं। यह देश के इतिहास में सबसे खराब वित्तीय घोटालों में से एक है। सीजेआई ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया का पालन करें। हमने खुलासा करने का आदेश दिया है। हम एक निश्चित बिंदु तक पहुंच गए हैं, जहां हमने योजना को रद्द कर दिया है। भूषण ने कहा कि इसमें सरकारें शामिल हैं, सत्तारूढ़ दल शामिल हैं, शीर्ष कॉर्पोरेट घराने शामिल हैं। प्रशांत भूषण ने दलील देते हुए कहा कि कुछ मामलों में सीबीआई अधिकारी भी शामिल हैं, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।

    Read Also-  अब OBC, SC और ST की बनेगी सब कैटेगरी, उच्चतम न्यायालय ने दी आरक्षण के अंदर आरक्षण को मंजूरी

    ECI ने SC को दी बॉन्ड से जुड़ी जानकारी
    Electoral Bond Case:   सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से इस डेटा के बारे में सवाल किया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने बताया कि उसके पास डेटा की जानकारी नहीं है। इसके बाद चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से डेटा को वापस लौटाने का निर्देश दिया था। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को 2019 और 2023 में सिलबंद लिफाफे में जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। शीर्ष अदालत ने 14 मार्च को चुनाव आयोग ने चुनावी बॉन्ड से जुड़ी एक और जानकारी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक की थी।

    इसमें 763 पेज की दो लिस्ट थी, जिसमें एक में बॉन्ड खरीदने वालों की जानकारी थी जबकि दूसरी में बॉन्ड को भुनाने वालों की जानकारी थी। 2022-23 में बीजेपी को छोड़कर सभी बड़े दलों को कम चंदा मिला।

    क्या होता है इलेक्टोरल बॉन्ड्स?
    इलेक्टोरल बॉन्ड्स के माध्यम से कोई संस्थान या कंपनी या व्यक्ति किसी राजनीतिक दल को पैसे चंदे के रूप में दे सकता है। कई कीमत के इलेक्टोरल बॉन्ड्स उपलब्ध हैं। इसके खरीदने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती है। कोई भी राजनीतिक पार्टी बॉन्ड्स मिलने के 15 दिनों के अंदर इसे भुना सकती है। यह बॉन्ड्स सिर्फ पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों को ही दिया जा सकता है।

    • Get News Portal Website @Rs.5999 | WhatsApp on +91 8871571321
    • Get Web Hosting @Rs49 | Visit - HostRT.in
    electoral bonds electoral bonds case electoral bonds explained electoral bonds in india electoral bonds india electoral bonds scheme electoral bonds supreme court supreme court on electoral bonds
    Share. Facebook Twitter LinkedIn Email Telegram WhatsApp
    Shrikant Baghmare
    • Website

    Keep Reading

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा एक्शन, पीएम मोदी बोले– संसद में लाएंगे सख्त कानून

    शराब घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट से चैतन्य बघेल को बड़ी राहत, जमानत के खिलाफ याचिकाएं खारिज

    दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की हिरासत का रायपुर में विरोध, सड़क पर उतरे कार्यकर्ता

    भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार का सशक्त प्रतीक है विक्रम-1 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    भारत ने रचा इतिहास, पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण

    NEET आंदोलन में शामिल हुए अमित जोगी, भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से की मुलाकात

    Add A Comment

    Comments are closed.

    Khabarwaad Vacancy

    Pages

    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    Categories

    • छत्तीसगढ़
    • मध्यप्रदेश
    • राष्ट्रीय समाचार
    • अपराध
    •  
    • खेल
    • राजनीति
    • धर्म एवं समाज
    • मनोरंजन

    Owner / Editor Details :- 

    Name :- Shrikant Baghmare

    Contact :- 6264 390 985

    Email :- khabarwaadnews@gmail.com

     

    © 2026 Maintained By RTISPL
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms of service
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.