KHABARWAAD BALRAMPUR. छत्तीसगढ़ में शराब बेचने का काम जब से सरकार कर रही है, तब से शराब में मिलावट का खेल चल रहा है। पहले यह काम शराब के कोचिया करते थे, लेकिन अब इस काम की बागडोर शराब दुकानों में काम करने वाले सेल्समैन संभाल रहे हैं।
ताजा मामला, बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर का है। यहां स्थित सरकारी शराब दूकान में मिलावट करते हुए दो सेल्समैनों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम ने सेल्समैन नीरज गुप्ता एवं दीपक गुप्ता को शराब में मिलावट करते हुए पाया है। इस शराब दुकान में मेगडॉनल नंबर वन के एक बोतल और 8 पीएम व अन्य शराब में अंतर पाया गया तथा पानी के एक बोतल में 1 लीटर अंग्रेजी शराब अलग से रखा गया था, जिसे मिलावट के लिए कर्मचारी इस्तेमाल करने के लिए रखे थे।
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इस मामले में डिवीजन आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया, कि पिछले काफी समय से वाड्रफनगर शासकीय शराब दुकान की शिकायत मिल रही थी, जिसके तहत कार्रवाई की गई है। सभी कर्मचारियों को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है और आगे भी उन पर नजर बनी रहेगी।
कांग्रेस सरकार पर भी लगा था मिलावट खोरी का आरोप, अब सत्ता में बीजेपी… फिर भी मिलावट का खेल जारी
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के अंतिम समय में उस समय विपक्ष में बैठी बीजेपी शराब में मिलावट करने का आरोप लगाती थी। इन आरोपों के बल से बीजेपी सत्ता में एक बार फिर से काबिज हुई। लेकिन मिलावटखोरी का खेल अब भी ख़त्म नहीं हुआ है। कुछ दिन पहले धमतरी के नगरी से भी देशी शराब दुकान में मिलावटखोरी की बात सामने आई थी। इस घटना को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। बावजूद इसके मिलावट के खेल में सरकार और प्रशासन का नियंत्रण नहीं है। या यूँ कहे की सरकार और उच्च पदों बैठे अधिकारियों के संरक्षण से यह सब हो रहा हो।
ओवररेट की भी शिकायतों पर कार्यवाही नहीं
प्रदेश की राजधानी और अन्य कई जिलों में शराब दुकान के सेल्समैंन ओवर रेट में शराब बेच रहे है। इससे जुड़े कई वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया में तैर रहे हैं। लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। मानों प्रदेश में शराब दुकान और आबकारी विभाग लोगों की जेब काटने के लिए साठ-गांठ कर काम कर रही हो।




