रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हजार से अधिक संविदा कर्मचारी अपनी नियमितीकरण और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 27 दिनों से हड़ताल पर हैं। लंबे समय से जारी इस आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने अब सख्ती दिखाते हुए कर्मचारियों को मंगलवार तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि, अगर कर्मचारी निर्धारित समय सीमा तक ड्यूटी पर नहीं लौटे तो सभी सीटों को शून्य मानकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हड़ताल जारी रखने वाले कर्मियों को नोटिस जारी कर सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।
मंत्री जायसवाल ने बताया कि कर्मचारियों की 10 मांगों में से 4 प्रमुख मांगों को सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है, जबकि 3 अन्य मांगों पर विचार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक रुख अपनाए हुए है, ऐसे में अब कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आना चाहिए।
Read Also- चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली, अगली तारीख 19 सितंबर
हालांकि, हड़ताली कर्मचारी सरकार के दावों को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार ने 10 में से एक भी मांग को लिखित आदेश के रूप में लागू नहीं किया है। जब तक ठोस निर्णय और आदेश जारी नहीं होंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने एक बार फिर से भाजपा सरकार को घेर दिया है। पार्टी ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों से झूठे वादे किए और समाधान निकालने के बजाय अब दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर संविदा कर्मियों को प्रताड़ित किया गया तो पार्टी सड़क पर उतरकर उनका समर्थन करेगी।
Read Also- छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय: शहीदों के परिजनों को अब 50 लाख की अनुग्रह राशि, परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा 1 करोड़
लगातार 27 दिन से जारी यह हड़ताल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। अब देखना होगा कि सरकार की इस सख्त चेतावनी के बाद कर्मचारी अपने काम पर लौटते हैं या आंदोलन और तेज होता है।




