नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वीजा फीस को 100,000 डॉलर तक बढ़ाने के फैसले ने भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और एच-1बी वीजा होल्डर्स के बीच हड़कंप मचा दिया है। फैसले के बाद अमेज़ॅन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने विदेश में मौजूद अपने कर्मचारियों को तुरंत अमेरिका लौटने का निर्देश जारी कर दिया।
कंपनियों के इस आदेश ने कर्मचारियों की निजी जिंदगी पर गहरा असर डाला। कई लोग पारिवारिक कार्यक्रमों और महीनों से तय यात्राओं को बीच में ही छोड़कर नजदीकी एयरपोर्ट की ओर भागने के लिए मजबूर हो गए।
रेडिट पर ‘सरमुच’ नामक एक यूजर ने इस हालात को साझा करते हुए लिखा कि अचानक आए फैसले से परिवार टूट गए और अहम पल छूट गए। उन्होंने भावनात्मक तकलीफ का जिक्र करते हुए कहा कि यह बेहद गलत है क्योंकि वीजा से परे भी इंसानों की निजी जिंदगी होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी भारी वीजा फीस आईटी कंपनियों के लिए भी बड़ा झटका है और आने वाले समय में भारतीय पेशेवरों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।




