Indian Air Force News: अमेरिका दुनिया का सबसे ज्यादा ताकतवर देश है। हथियार मैन्युफैक्चरिंग और उससे जुड़ी तकनीक में भी अमेरिका को मात देना मुश्किल है। तकरीबन हर क्षेत्र में ये देश अन्य दूसरे देशों से आगे है, यही वजह हा कि इस देश को सुपर पावर देश कहा जाता है। दुनिया के आधे से ज्यादा देश अमेरिका से सामरिक रिश्ते रखते हैं। जिनमें भारत भी शामिल है। अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते काफी अच्छे हैं।
वहीं यदि हम भारत की बात करें तो आज दुनिया के कई शक्तिशाली देश अमेरिका सहितरूस, फ्रांस, जापान यहां तक की चीन भी भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते बनाए रखना चाहता है। भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है जो सबसे ज्यादा हथियारों का आयात और निर्यात कर रहा है। यही वजह है कि साल 2016 में अमेरिका ने भारत को मेजर डिफेंस पार्टनर के तौर पर मान्यता दी।
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डील पर दुनियाभर के देशों की नजर
Indian Air Force News: इस वक्त भारत डिफेंस की एक बड़ी डील को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में है। भारतीय वायुसेना के लिए करीब 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की डील की जानी है, जिस पर नजर दुनिया के कई शक्तिशाली देशों की है। जिनमें अमेरिका, रूस और फ्रांस शामिल हैं। हालांकि अभी खरीद प्रक्रिया शुरू होनी है लेकिन इस डील को क्रैक करने के लिए दुनिया की महाशक्तियां नजरें गढ़ाए बैठी हैं।
114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की डील
भारतीय वायुसेना के लिए जिन 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की खरीद की जानी है उसकी खरीद के लिए कई देश दावेदारी कर रहे हैं। इस रेस में सबसे आगे चल रहा है रूस का Su-35 और Mig-35, वहीं दूसरे नम्बर पर है फ्रांस का राफेल, तीसरे पायदान पर है अमेरिका का F-21 और F-18, वहीं चौथे नंबर पर स्वीडन का ग्रिपेन और पांचवें नंबर पर है यूरोप का यूरोफाइटर टाइफून।
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Indian Air Force News: हाल ही में भारतीय वायुसेना ने तरंग शक्ति युद्धाभ्यास का आयोजन किया था जिसमें लगभग ये सभी दावेदार अपना एयरक्राफ्ट लेकर आए हुए थे। अमेरिका अपना F-21 और F-18 फाइटिंग एयरक्राफ्ट लेकर आया था। इस डील को अमेरिका क्रैक करना चाहता है और अब ट्रंप सरकार इसे परवान चढ़ाने की कोशिश जरूर करेगी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ डोनाल्ड ट्रंप के साथ रिश्ते जगजाहिर है। ट्रंप एक बार फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए हैं। ऐसे में अमेरिकी सरकार की कोशिश होगी कि ये डील उसके साथ ही हो।




