रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिलों में बढ़ोतरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि साय सरकार के कार्यकाल को अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन इस दौरान तीसरी बार बिजली दरों में इजाफा किया गया है। हालिया फैसले के तहत प्रति यूनिट 20 पैसे की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
डॉ. महंत ने कहा कि, भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन की ‘बिजली बिल हॉफ योजना’ को खत्म कर दिया और अब दरों में की गई यह बढ़ोतरी लोगों पर दोहरी मार साबित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि औसतन हर उपभोक्ता का बिल लगभग 1000 रुपये तक बढ़ गया है।
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उन्होंने सवाल उठाया कि जब छत्तीसगढ़ कोयला और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और अपनी जरूरतों के साथ-साथ अन्य राज्यों को भी बिजली बेचता है, तो फिर यहां दरें लगातार क्यों बढ़ाई जा रही हैं?
महंत ने कहा कि इस फैसले से किसान, व्यापारी और मध्यमवर्ग सभी परेशान हैं और पूरे प्रदेश में आक्रोश की स्थिति है। उन्होंने सरकार से बिजली बिल बढ़ोतरी का फैसला तत्काल वापस लेने और आम जनता को राहत देने की मांग की।




