बीजापुर। तेलंगाना के मुलुगु जिले के वेंकटपुरम क्षेत्र के घने जंगलों में बुधवार को हुए बारूदी सुरंग विस्फोट में तीन पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। माओवादियों ने घात लगाकर तलाशी अभियान में निकले सुरक्षाबलों को निशाना बना कर बारूदी सुरंग को सक्रिय किया था।
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बता दें कि, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की सीमाओं पर सक्रिय नक्सली गतिविधियों को समाप्त करने के उद्देश्य से अभियान ‘ऑपरेशन कगार’ चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह अभियान छत्तीसगढ़ के बीहड़ और पहाड़ी इलाकों, खासकर नक्सलियों के आखिरी गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर केंद्रित है।
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ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य दोनों ही स्तर पर निगरानी तेज़ कर दी गई है। दिल्ली से स्वयं सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ के एडीजी (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ के आईजी राकेश अग्रवाल और बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज भी लगातार ऑपरेशन की मोनिटरिंग कर रहे हैं।
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इस संयुक्त अभियान में डीआरजी, कोबरा कमांडो, सीआरपीएफ और एसटीएफ़ के जांबाज़ जवान माओवादियों को उनके गढ़ में घेरने और मुंहतोड़ जवाब देने में जुटे हुए हैं। घायल जवानों को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।




