बीजापुर। बस्तर संभाग में सहकारी समिति कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। कर्मचारियों की मांगों को उचित बताते हुए बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
शुक्रवार को विधायक मंडावी ने सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान संघ ने उन्हें अपनी चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक मंडावी ने कहा कि बस्तर संभाग के सहकारी समिति कर्मचारी कठिन और विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए किसानों तक शासन की योजनाएं पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की चार सूत्रीय मांगें पूरी तरह से न्यायोचित हैं, इसलिए राज्य सरकार को इस पर तुरंत निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत देनी चाहिए।
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विधायक मंडावी ने कहा कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियां ग्रामीण अंचलों में किसानों और उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक जीवनरेखा का काम कर रही हैं। ऐसे में समितियों से जुड़े कर्मचारियों को उचित वेतनमान, सुरक्षा व्यय में वृद्धि, नियमितीकरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलना अत्यंत आवश्यक है।
संघ की चार प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- धान खरीदी वर्ष 2023-24 और 2024-25 की सुखत राशि का पूर्ण भुगतान समितियों को किया जाए। साथ ही परिवहन उपरांत शॉर्टेज प्रोत्साहन और सुरक्षा व्यय बढ़ाया जाए।
- कंप्यूटर ऑपरेटरों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर उन्हें नियमित नियुक्ति दी जाए।
- प्रदेश की सभी सहकारी समितियों को प्रतिवर्ष 3-3 लाख रुपये की प्रबंधकीय अनुदान राशि प्रदान की जाए।
- श्री कांडे समिति की अनुशंसाओं को लागू करते हुए कर्मचारियों को भविष्य निधि, महंगाई भत्ता, ईएसआईसी का लाभ दिया जाए और संविदा कर्मचारियों को भर्ती में प्राथमिकता मिले।

विधायक मंडावी ने कहा कि सहकारी समितियों का सशक्तीकरण ही किसानों की आर्थिक मजबूती की कुंजी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार सहकारी समिति कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार कर जल्द निर्णय लेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।




