जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के सघन जंगलों से एक बार फिर माओवादी गतिविधियों को लेकर बड़ा ऐलान सामने आया है। प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) ने 21 मई को अबुझमाड़ क्षेत्र के गुंडेकोट (नारायणपुर-गढ़चिरोली सीमा) में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए अपने शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू की मौत के विरोध में 10 जून 2025 को राष्ट्रव्यापी भारत बंद का आह्वान किया है।
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माओवादी केंद्रीय समिति के प्रवक्ता ‘अभय’ द्वारा जारी पर्चे में इस बंद का मकसद सरकार की ‘दमनकारी नीति’ के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करना बताया गया है। प्रवक्ता के अनुसार, बसवराजू संगठन के महासचिव और सबसे प्रमुख रणनीतिकार थे, जिनकी मौत माओवादी आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका है। 21 मई की मुठभेड़ में उनके साथ 26 अन्य माओवादी भी मारे गए थे।
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प्रवक्ता ने अपने बयान में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने शांति वार्ता और युद्धविराम के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है, और इसके विपरीत सैन्य कार्रवाई और सघन अभियानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। माओवादी संगठन का दावा है कि जनवरी 2024 से अब तक सरकारी अभियानों में उनके करीब 540 कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं।
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प्रवक्ता ‘अभय’ ने कहा, “सरकार जनता की समस्याओं और हक की आवाज को बंदूक के दम पर कुचलना चाहती है। हम इस दमन के खिलाफ आवाज उठाएंगे और 10 जून को पूरे देश में भारत बंद का आयोजन करेंगे।” इसके साथ ही माओवादी संगठन ने 11 जून से 3 अगस्त तक मारे गए साथियों की स्मृति में ‘स्मारक सभाओं’ के आयोजन की भी घोषणा की है, जो विभिन्न राज्यों के माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में आयोजित की जाएंगी।
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सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
भारत बंद के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे माओवादी प्रभावित राज्यों में अतिरिक्त बलों की तैनाती और गश्त बढ़ाए जाने की संभावना है। वहीं, आम जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।




