जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित करने के लिए चलाए जा रहे युक्तियुक्तकरण अभियान में लापरवाही बरतना अब भारी पड़ने लगा है। शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद गंभीरता नहीं दिखाने पर जगदलपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मानसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, किया तत्काल निलंबन
जगदलपुर कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि बीईओ मानसिंह भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के तहत जिलास्तरीय समिति को अनेक त्रुटिपूर्ण और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। इस लापरवाही को शासन ने गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की।
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कहां-कहां हुई चूक? देखिए प्रमुख बिंदु:
- शा.उ.मा.वि. नगरनार में वरिष्ठता क्रम को उलटते हुए कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ बताया गया।
- सेजेस उ.मा.वि. विवेकानंद (हिन्दी माध्यम), जगदलपुर जो कि केवल ई संवर्ग की शाला है, उसमें टी और ई दोनों संवर्ग में रिक्त पद दर्शाए गए।
- विकासखंड जगदलपुर की ओर से वरिष्ठता निर्धारण एवं स्वीकृत/रिक्त पदों की जो जानकारी भेजी गई, वह अत्यधिक त्रुटिपूर्ण एवं भ्रामक पाई गई।
आचरण नियमों का किया उल्लंघन
कलेक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम I, II, III का उल्लंघन है। ऐसे में शासन के भरोसे को ठेस पहुँचाने वाले अधिकारी को दंडित करना आवश्यक है।
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निलंबन की शर्तें:
निलंबन की अवधि में मानसिंह भारद्वाज का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जगदलपुर नियत किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जानकारी भेजी गई इन वरिष्ठ अधिकारियों को:
- सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, छ.ग. शासन
- संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय
- आयुक्त, बस्तर संभाग
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जगदलपुर
- संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग-बस्तर
- जिला शिक्षा अधिकारी, जगदलपुर
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विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जगदलपुर




