New Criminal Law: 1 जुलाई से लागु होने वाले नये कानून के तहत ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर भी दर्ज किया जा सकता है. गृह मंत्रालय ने इस बारे में सामान्य मानक तय कर दिया है. इनके अनुसार ई-एफआईआर पोर्टल और पुलिस वेबसाइट पर लॉगइन करके शिकायत दर्ग की जाएगी. भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिता की धारा 173-1 के तहत किसी भी स्तन से शिकायतकर्ता अपनी शिकायत दर्ज करा पाएंगे. इसे इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर से भी दर्ज किया जा सकेगा.
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नए कानून से तहत ई-एफआईआर पर शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर तीन दिन के अंदर किया जाना अनिवारिया होगा. इसके बाद इसे रेगुलर एफआईआर के तौर पर लिया जायेगा. अगर मामला गंभीर हो तो जाँच अधिकारी खुद भी तथ्यो की जाँच के बाद मामला दर्ज कर सकेंगे. जीरो एफआईआर किसी भी पुलिस थाने में दर्ज की जा सकेगी. जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद प्राथमिक जाँच उसी थाने से शुरु होगी और बाद में उसी थाने के सुपुर्द कर दिया जायेगा. जिसके न्याय चेत्र में वह मामला पड़ता होगा.
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New Criminal Law: आंध व असम में अनुवाद का पेंच, लागू करना मुश्किल है
आंध्रप्रदेश सरकार ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का अनुवाद 1 जुलाई तक पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है। असम सरकार ने भी कहा कि पुलिस और वकीलों को नए कानूनों का अनुवाद अभी तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। उधर, दिल्ली में कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा, नए आपराधिक कानूनों को लेकर 100 से ज्यादा बैठकें हुईं। संसदीय समिति को भी भेजा गया, जिसमें सभी दलों के लोग होते हैं। सबसे विमर्श हुआ। इसे 1 जुलाई से लागू किया जाएगा।
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New Criminal Law: आरपीएफ ने ‘संज्ञान’ एप लॉन्च किया, इसमें कानूनों की जानकारी, धारा के हिसाब से विश्लेषण उपलब्ध
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के चीफ मनोज यादव ने ‘संज्ञान’ (Sangyaan App) मोबाइल एप शुरू किया है। यह एक जुलाई से लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानूनों के बारे में गहन जानकारी देगा। रेलवे बोर्ड ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इसमें उपयोगकर्ता आसानी से सर्च कर सकते हैं। धारा के हिसाब से विश्लेषण उपलब्ध है।




