केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला टैक्स यानी उत्पाद शुल्क 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. इस फैसले से तेल कंपनियों का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर आम जनता पर पड़ सकता है क्योंकि अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं. इसका सीधा असर आपके रोजमर्रा के बजट पर भी पड़ सकता है, क्योंकि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से चीज़ों के दाम बढ़ सकते हैं. सरकार ने यह कदम टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए उठाया है, लेकिन आम आदमी की जेब पर इसका बोझ पड़ेगा.
Read Also- कल से शुरू होगा ‘सुशासन तिहार-2025’, साय सरकार के शिविरों में मिलेगा हर समस्याओं का समाधान
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जल्द ही बढ़ सकती हैं, क्योंकि सरकार ने इन दोनों ईंधनों पर लगने वाला उत्पाद शुल्क 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे जा रही हैं. इसका असर सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, जो पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं.
Read Also- मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- RSS में शामिल हो सकते हैं मुसलमान! मगर शर्तें लागू…
आम आदमी के जेप पर पड़ेगा असर
सरकार इस कदम से अपना राजस्व बढ़ाना चाहती है, लेकिन इसका समय लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है. अमेरिका के टैरिफ (शुल्क) को लेकर फैली अनिश्चितता के बीच इस फैसले से घरेलू बजट और भी बिगड़ सकता है. ईंधन की कीमतें बढ़ने से न सिर्फ ट्रांसपोर्ट महंगा होगा, बल्कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम भी ऊपर जा सकते हैं. आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय की नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, उक्त परिवर्तन 8 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगा.




