दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में संगठनात्मक चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, फिर शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंट की। इन बैठकों को आगामी संगठनात्मक चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
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इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अमित शाह से मिले। हालांकि इस मुलाकात का कारण एक सरकारी कार्यक्रम में आमंत्रण बताया गया, लेकिन पार्टी के आंतरिक समीकरणों के लिहाज से इसे भी अहम माना जा रहा है।
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फिलहाल बीजेपी के कई प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना—में प्रदेश अध्यक्षों का चयन लंबित है। अब तक सिर्फ 14 राज्यों में ही यह प्रक्रिया पूरी हो पाई है। पार्टी संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन से पहले कम से कम 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव आवश्यक है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिकता आगे नहीं बढ़ सकेगी। पार्टी नेतृत्व इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।




