रायपुर। पिछले एक दशक से रायपुर नगर निगम क्षेत्र के करीब एक लाख मकान मालिकों ने संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया है, जिससे निगम को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अब नगर निगम प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है।
नगर निगम आयुक्त प्रभात मलिक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी तीन महीनों के भीतर वार्डवार सूची तैयार कर बकायेदारों से कर की वसूली की जाए। आयुक्त ने कहा कि यह अभियान निगम की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए बेहद जरूरी है।
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टैक्स वसूली के साथ होगी संपत्ति की जांच
अभियान के तहत निगम के अधिकारी न केवल बकाया टैक्स की वसूली करेंगे, बल्कि यह भी जांच करेंगे कि संबंधित संपत्ति का उपयोग किस प्रयोजन के लिए किया जा रहा है रिहायशी, व्यवसायिक या अन्य। इसी आधार पर संपत्ति कर का आकलन कर राशि तय की जाएगी।
70% आय संपत्ति कर पर निर्भर
नगर निगम की कुल आय का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा संपत्ति कर से आता है। ऐसे में बड़ी संख्या में कर न वसूले जाने से निगम की आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी है। इस संकट से उबरने के लिए अब निगम एक विशेष मुहिम शुरू कर रहा है।
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अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस संबंध में हाल ही में हुई एक बैठक में आयुक्त ने सभी राजस्व जोन के निरीक्षकों और सहायक निरीक्षकों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि टैक्स वसूली को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से अंजाम दिया जाए।




