Schools Being Renovated. : कुछ समय पहले की बात है, वनांचल के इस विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ाई करने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरबा कुमारी रत्नी बाई और कक्षा चार में पढ़ने वाले सुनील को भलीभांति याद है कि जब भी बारिश होती थी, उनके स्कूल की छतों से अकस्मात कहीं पर से भी पानी टपकने लग जाता था। बारिश के साथ शुरू हुई इस परेशानी से बचने उन्हें ही नहीं, स्कूल के सभी विद्यार्थियों को इधर-उधर भाग कर अपनी कॉपी-किताबे और खुद को भीगने से बचाने जद्दोजेहद करनी पड़ती थी।
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कमोवेश अब यह स्थिति नहीं है। बारिश चाहे जितनी भी जोर से और जितनी भी देर से ही क्यों न हो ? छत से न तो पानी टपकता है और न ही उन्हें अपनी कॉपी-किताबों को भीगने से बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है। स्कूल भवन का जीर्णाेद्धार हो जाने से कक्षाएं भी बेरोकटोक संचालित होती है। कोरबा जिले में पांच सौ से अधिक ऐसे विद्यालय है, जिनकी मरम्मत हाल ही में की गई है और बारिश के दिनों में परेशानी झेलने वाले विद्यार्थियों को राहत पहुचाई गई है।




