शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 22 सितंबर से हो चुका है। इस पवित्र पर्व की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है अखंड ज्योत, जिसे नौ दिनों तक लगातार जलाए रखने की मान्यता है। इस बार 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या और सूर्य ग्रहण के संयोग ने अखंड ज्योत के महत्व को और बढ़ा दिया है।
अखंड ज्योत का अर्थ और प्रतीक
अखंड ज्योत का अर्थ है अटूट प्रकाश, जो नवरात्रि के नौ दिनों तक बिना बुझे जलती रहती है। यह ज्योत माता दुर्गा की शक्ति और पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है। इसे जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
माता दुर्गा की विशेष कृपा
मान्यता है कि जिस घर में नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलती है, वहां माता दुर्गा की विशेष कृपा बरसती है। यह ज्योत संकटों से रक्षा करती है और जीवन में सुख, समृद्धि व शांति लाती है। भक्तों का विश्वास है कि यह परंपरा माता के प्रति श्रद्धा को मजबूत करती है।
नकारात्मक ऊर्जा का नाश
अखंड ज्योत को नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करने वाला माना जाता है। इसकी पवित्र लौ से घर का वातावरण शुद्ध होता है, और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर सकारात्मकता का संचार होता है। यह नवरात्रि की आध्यात्मिकता को और गहरा करता है।




