रायपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और संसद मार्च के समर्थन में राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर चल रहे छात्र आंदोलन को मंगलवार को विभिन्न ट्रेड यूनियनों, सांस्कृतिक एवं नागरिक संगठनों का समर्थन मिला। बड़ी संख्या में संगठन प्रतिनिधि और कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पहुंचे, जहां छात्रों के साथ नारेबाजी, जनगीत और प्रदर्शन किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन में ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू), संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल, जनवादी लेखक संघ, इप्टा, जन संस्कृति मंच, प्रगतिशील लेखक संघ और झुग्गी-झोपड़ी संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को उनका संगठन पूर्ण समर्थन देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों की अनदेखी केंद्र सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये को दर्शाती है।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने, केंद्रीकृत नीट परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने तथा सभी के लिए निःशुल्क और सार्वभौमिक शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा की गई। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से शीघ्र छुट्टी देने की मांग भी उठाई गई।
सभा के अंत में विभिन्न संगठनों ने रायपुर में जारी छात्र आंदोलन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया। इस दौरान हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, सोनम बंसोड, डिंकल देशभ्रातर, योगेश सेलारकर, दिवांशु बंसोड और इंडिया धृतलहरे आंदोलन स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठ गए, जिनके समर्थन में मौजूद संगठनों ने एकजुटता व्यक्त की।




