अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, गुरुवार दोपहर टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स शामिल थे। यह विमान मेघानी नगर इलाके में पहले बीजे मेडिकल कॉलेज की मेस बिल्डिंग और फिर अतुल्यम हॉस्टल से टकराकर जलते मलबे के ढेर में बदल गया।
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इस भयावह हादसे में अब तक 204 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 41 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी मृत्यु हो गई, जिसकी पुष्टि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सी.आर. पाटिल ने की है।
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हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर मची चीख-पुकार, धुएं और मलबे के बीच राहत कार्य शुरू हुआ। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल कर्मियों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
इस त्रासदी के बीच एक चमत्कारिक खबर भी सामने आई है। यात्री रमेश विश्वास कुमार धधकते विमान से किसी तरह बच निकले और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। रमेश ने कहा, “चारों तरफ आग की लपटें थीं, जोरदार धमाका हुआ, मुझे भरोसा नहीं हो रहा कि मैं जिंदा हूं।”
यह हादसा भारत के एविएशन इतिहास के सबसे खतरनाक हादसों में गिना जा रहा है। सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं।
इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है — एक ऐसी घटना जिसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।




