काठमांडू। नेपाल में सोमवार से शुरू हुआ Gen-Z रिवोल्यूशन 24 घंटे से ज्यादा समय से जारी है और इस दौरान हालात तेजी से बदल गए हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस्तीफा दे चुके हैं, वहीं विपक्षी दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 25 से ज्यादा सांसदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। संसद भवन से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अब प्रदर्शनकारियों के कब्जे में हैं और पूरे काठमांडू में आम जनता का नियंत्रण दिख रहा है।
सोमवार को सोशल मीडिया पर लगाया गया बैन सरकार ने तुरंत हटा लिया था, इसके बाद मंगलवार को पीएम ओली ने भी पद छोड़ दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कई मंत्रियों पर हमला हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और विदेश मंत्री आर्जू राणा देउबा को भीड़ ने पीटा, जबकि वित्त मंत्री को सड़कों पर दौड़ाकर मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
भ्रष्टाचार, नेपोटिज्म और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन अब तख्तापलट का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारी काठमांडू के मेयर बालेन शाह को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही संसद भंग कर नए चुनाव कराने पर जोर दे रहे हैं। इस बीच पुलिस फायरिंग से 20 से ज्यादा लोगों की मौत ने आक्रोश को और भड़का दिया है।




