नई दिल्ली. गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के छारा गांव में SIR कार्य में लगे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और शिक्षक अरविंद वाढ़ेर ने कथित रूप से काम के अत्यधिक दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। इस घटना ने शिक्षा जगत को गहरा सदमा पहुंचाया है और शैक्षिक संगठनों में रोष व्याप्त है।
घटना के बाद मिले सुसाइड नोट में 40 वर्षीय अरविंद वाढ़ेर ने अपनी पत्नी को संबोधित करते हुए लिखा कि वह लगातार थकान और मानसिक तनाव महसूस कर रहे थे और अब SIR का काम उनके लिए संभव नहीं है। पत्र में उन्होंने पत्नी और बेटे के प्रति गहरा स्नेह जताते हुए कहा कि वह मजबूरी में यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उनके बैग में मौजूद SIR से संबंधित सभी दस्तावेज स्कूल में जमा कर दिए जाएं।
शोक और आक्रोश के बीच अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, गुजरात प्रांत ने SIR की ऑनलाइन प्रक्रिया का बहिष्कार करने की घोषणा की है। संगठन ने कहा कि शिक्षकों और BLOs पर अत्यधिक कार्यभार के कारण लगातार दुर्घटनाएं और मौतें सामने आ रही हैं, जिन्हें सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।
अरविंद वाढ़ेर की मौत ने एक बार फिर मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया के दौरान BLOs पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव और कार्यस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के कई राज्यों में BLOs की मौत के मामलों में परिवारों द्वारा अत्यधिक काम के बोझ को जिम्मेदार ठहराया जा चुका है, जिससे इस प्रणाली की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर बढ़ गया है।




