बिलासपुर। हाईकोर्ट में भीषण गर्मी में जल संकट और अन्य मामले पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की है। कुछ दिन पहले बिलासपुर में जलसंकट को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी, जिसमें बताया गया था, कि भीषण गर्मी में पूरा बिलासपुर जिला जल संकट से गुजर रहा है और पीएचई विभाग के पास जल संकट वाले गांवों की सूची नहीं है। वहीं 20 मई को निगम का दावा नाले नालियों की हो रही सफाई नहीं, होगा जलभराव की खबर जिसमें बताया गया है कि बिलासपुर शहर में कई जगहों पर जलभराव हो जाता है, जिससे शहरवासियों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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नगर निगम हर साल बारिश से पहले और बरसात के बाद नालों की सफाई करवाता है, ताकि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या न हो। हालांकि नगर निगम का दावा है कि नालों को चिह्नित कर सफाई का काम किया जा रहा है सभी 8 जोनों में रोस्टर बनाकर कार्य किया जाएगा तथा बरसात में जलभराव नहीं होगा। यह भी बताया गया है कि बड़े नालों की सफाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। इन सब मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र प्रसाद की बेंच में सुनवाई हुई।
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इन मामलों के मद्देनजर आयुक्त, नगर निगम, बिलासपुर को अगली तिथि से पूर्व इन दोनों विषयों पर शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं मामले को आगे की निगरानी और अनुपालन के लिए 22 मई 2025 को सूचीबद्ध किया गया है।




