छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित पेलमा कोयला खदान परियोजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। 19 मई को होने वाली जनसुनवाई से पहले यूथ कांग्रेस ने परियोजना का विरोध करते हुए अदाणी ग्रुप और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई अब आंदोलन का रूप लेगी।
रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में यूथ कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि अदाणी ग्रुप की खनन परियोजनाओं के कारण प्रदेश के आदिवासी इलाकों में पर्यावरण और जनजीवन पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हसदेव अरण्य, बस्तर और रायगढ़ सहित कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई की जा रही है, जिससे आदिवासी समुदायों की संस्कृति, परंपरा और अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
आकाश शर्मा ने कहा कि तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित पेलमा कोयला खदान की जनसुनवाई स्थानीय ग्रामीणों की इच्छा के खिलाफ कराई जा रही है। ग्रामीणों को डर है कि इस परियोजना से गांवों का विस्थापन होगा, जल स्रोत प्रभावित होंगे और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा।
यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की सहमति के बिना जबरन जनसुनवाई कराने की कोशिश की गई, तो यूथ कांग्रेस आदिवासी समाज और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से उग्र विरोध करेगी।
आकाश शर्मा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार स्थानीय लोगों का है, न कि बड़े कॉर्पोरेट घरानों का। उन्होंने प्रशासन से 19 मई की जनसुनवाई तत्काल निरस्त करने और परियोजना की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है।




