Khabarwaad National Desk: अहमदाबाद एयरपोर्ट से पकड़े गए चार ISIS आतंकियों ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है. गुजरात ATS के हत्थे चढ़े आतंकियों को बड़ा टास्क दिया गया था. एटीएस ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आतंकियों को यहूदियों के प्रमुख स्थलों पर हमले करने और बीजेपी, आरएसएस के साथ हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग का टास्क दिया गया था.
दरअसल, एयरपोर्ट से पकड़े गए चारों आतंकी श्रीलंकाई नागरिक हैं. ये चारों श्रीलंका से पहले चेन्नई पहुंचे थे और इसके बाद चेन्नई से अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरे थे. यह पहुंचने पर गुजरात एटीएस ने इन्हें पाकिस्तान मेड हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया था.
पुलिस के मुताबिक चारों आतंकियों की पहचान मोहम्मद नुसरथ, मोहम्मद नफरान, मोहम्मद फारिस और मोहम्मद रासदीन के रूप में की गई है. पुलिस उपमहानिरीक्षक विकास सहाय ने बताया कि चारों आतंकवादी श्रीलंका के मूल निवासी हैं और इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से कट्टरपंथी बने थे. वे केवल तमिल बोलते हैं और हिंदी या अंग्रेजी नहीं समझते हैं. चेन्नई से अहमदाबाद पहुंचने के बाद चारों आतंकी पाकिस्तानी हैंडलर के मैसेज का इंतजार कर रहे थे. अहमदाबाद से इन्हें टार्गेट लोकेशन पर पहुंचना था. इन्हें यहां हथियार मिलने वाले थे. उससे पहले ही ATS ने सबको गिरफ्तार कर लिया.
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पुलिस ने बताया कि चारों आतंकियों को यहूदियों के प्रमुख स्थलों पर हमले का टास्क दिया गया था. इसके साथ ही बीजेपी, आरएसएस के साथ हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग का प्लान भी था. अगर हैंडलर से निर्देश मिलता तो ये सभी मिलकर देश में फिदायीन हमले को भी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे. सभी आतंकी हाइली ट्रेंड हैं और इनके तार पाकिस्तान से भी जुड़े हुए हैं.
आतंकियों का हैंडलर में पाकिस्तान में मौजूद है. गिरफ्तार एक आतंकी ने पाकिस्तान का वीजा भी लिया हुआ था. गिरफ्तार आरोपियों से गुजरात एटीएस के साथ सेंट्रल एजेंसियां भी पूछताछ कर रही हैं. एजेंसियों को शक है कि श्रीलंका मूल के इन आतंकियों के तार भारत में मौजूद कुछ लोगों से जुड़े हो सकते हैं.




