Chattisgarh Coal Scam Case: छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व IAS अधिकारियों रानू साहू, सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत तिवारी को अंतरिम जमानत दे दी है। जबकि अन्य आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं। इससे पहले, ईडी की जांच रिपोर्ट और आरोपों के आधार पर एसीबी ने इन तीनों को गिरफ्तार किया था। एसीबी ने कोल घोटाला मामले में तीनों के अलावा दीपेश टॉक, राहुल कुमार सिंह, शिव शंकर नाग, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, संदीप कुमार नायक, रोशन कुमार सिंह, और शेख मोइनुद्दीन कुरैशी को भी गिरफ्तार किया था।
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Chattisgarh Coal Scam Case: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी में 570 करोड़ रुपये की अवैध कोल लेवी वसूली का खुलासा हुआ। ईडी का दावा है कि खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को आदेश जारी कर कोल परिवहन में ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन कर दिया, जिससे व्यापारियों से अवैध वसूली की जा सके।
Chattisgarh Coal Scam Case: इस घोटाले का मास्टरमाइंड कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना जा रहा है, जिस पर ईडी के अनुसार निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया का हाथ था। ईडी के मुताबिक, सूर्यकांत तिवारी ने 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम वसूलने के लिए एक सिंडिकेट बनाया। व्यापारियों से अवैध रकम वसूलने के बाद ही उन्हें खनिज विभाग से पीट पास और परिवहन पास जारी किए जाते थे।




