नई दिल्ली। प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति की हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान जेल से बाहर आ सकती है. हालांकि फिर उसे तुरंत ही जेल में वापस भी जाना होगा. दरअसल उसके गर्भवती होने की पुष्टि के बाद उसका अल्ट्रासाउंड होना है.
इसके लिए उसे जेल से मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल जाना होगा. अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जेल अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन ने संपर्क किया है. अभी अल्ट्रासाउंट की डेट नहीं दी गई है.
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जेल में मुस्कान की तबीयत खराब होने के बाद ही वरिष्ठ जेल अधिकारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी से महिला डॉक्टर भेजने की सिफारिश की थी. जिला अस्पताल से आई महिला डॉक्टर ने मुस्कान का परीक्षण किया था. जांच रिपोर्ट में पता चला कि मुस्कार गर्भवती है. इसके बाद अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही गई थी.
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मुस्कान की गर्भावस्था की पुष्टि होने पर मृतक सौरभ के परिजन हैरान हैं. मामले में सौरभ के भाई बबलू ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि अगर मुस्कान के पेट में पल रहा बच्चा उनके भाई सौरभ का निकला, तो वे उसे जरूर अपनाएंगे.
पहले बच्चे से कराया जाए डीएनए टेस्ट
बबलू का कहना है कि लेकिन इससे पहले बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके कि बच्चा सौरभ का है मुस्कान के प्रेमी साहिल शुक्ला का. बबलू का साफ कहना है कि यह जानना बेहद जरूरी है कि मुस्कान के गर्भ में पल रहा बच्चा सौरभ का है, साहिल का है या किसी तीसरे का.
मालूम हो कि मुस्कान और सौरभ की 6 साल की बेटी है. सौरभ और मुस्कान के परिवार वाले उसपर अपना-अपना दावा जता रहे हैं. जहां सौरभ के परिवार ने बच्ची को सौंपने की मांग की है वहीं, मुस्कान के परिजन बच्ची को किसी भी कीमत पर सौरभ के परिजनों को देने से इनकार कर रहे हैं.




