बीजापुर। जिले में 23 मई 2025 को माओवादियों को करारा झटका देते हुए कुल 24 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पितों में PLGA कंपनी नम्बर 02 के डिप्टी कमांडर राकेश सहित कई शीर्ष माओवादी शामिल हैं, जिन पर कुल 87.5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
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आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित थे। शासन की योजना ‘नियद नेल्ला नार’ और अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों जैसे सड़क निर्माण, बिजली-पानी की सुविधा और सुरक्षा कैंपों की स्थापना से माओवादी अब संगठन से मोहभंग महसूस कर रहे हैं। संगठन में आंतरिक मतभेद, भेदभाव और आदिवासियों पर अत्याचार भी आत्मसमर्पण के प्रमुख कारण बताए गए।
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आत्मसमर्पित माओवादियों को शासन द्वारा 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। जनवरी 2025 से अब तक जिले में 227 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 237 को गिरफ्तार किया गया और 119 मारे गए।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने अपील की है कि अन्य माओवादी भी समाज की मुख्यधारा में लौटें और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। आत्मसमर्पण में डीआरजी, बस्तर फाइटर, एसटीएफ, कोबरा और केरिपु बलों का विशेष योगदान रहा। इस घटनाक्रम को नक्सलमुक्त बस्तर की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।




