रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने पंजीयन की 10 क्रांति के अंतर्गत रजिस्ट्री प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी आधारित दस नवाचारों को बस्तर के लिए क्रांतिकारी बताते हुए इसकी जानकारी जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। पंजीयन विभाग द्वारा इन नवाचारों की जानकारी देने के लिए आज कोंडागांव जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में मंत्री श्री कश्यप शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, जिसमें हमें भी आधुनिक तौर तरीकों से सुसज्जित रहना है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रजिस्ट्री कार्य को डिजिटाईजेशन के माध्यम से आधुनिक कलेवर दिया है।
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छत्तीसगढ़ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जीएसटी संग्रह में भी हमारा राज्य अब अग्रणी हो गया है। उन्होंने कहा कि इस पंजीयन प्रक्रिया में दस नए बदलावों के संबंध में अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें, जिससे लोगों को इसकी जानकारी हो और लोग इसका लाभ ले सके। मंत्री कश्यप ने पंजीयन प्रक्रिया में लाए गए आमूलचूल परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा को बधाई दी।
मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सभी स्तर पर डिजिटल गवर्नेस को अपना कर सुशासन स्थापना की दिशा में कार्य करते हुए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता ला रही है। साथ ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इनका लाभ आमजनों तक समय पर पहुंचाएं जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा पंजीयन की 10 क्रांति के अंतर्गत रजिस्ट्री प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी आधारित दस नवाचारों का शुभारंभ किया गया है। डिजिटल गवर्नेस का बेहतरीन उदाहरण है, जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं।
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बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक् लता उसेण्डी और कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला में बताया गया कि ’आधार आधारित प्रमाणीकरण सुविधा’ के अतंर्गत पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड के माध्यम से की जाएगी जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नहीं हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाड़े का शिकार नहीं होना पड़ेगा।




