रायपुर। राजधानी के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ग्रामीण अपनी जमीन के कथित कब्जे से परेशान होकर हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया। सोंडरा गांव के रहने वाले किशन लाल निषाद ने उद्योग और भू-माफियाओं पर “औद्योगिक आतंकवाद” का आरोप लगाते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
ग्रामीण का कहना है कि उसकी जमीन पर पिछले करीब 12 साल से फॉर्चून मेटल प्राइवेट लिमिटेड का अवैध कब्जा है। न्याय की उम्मीद में वह एक दशक से ज्यादा समय से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सिस्टम की इसी बेरुखी से तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए सिलतरा चौकी क्षेत्र में स्थित हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़कर विरोध शुरू कर दिया।
सुबह जब स्थानीय लोगों ने उसे टावर पर चढ़ा देखा तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और मौके पर एसडीएम, तहसीलदार तथा धरसीवां थाना पुलिस की टीम पहुंच गई।
किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके की बिजली सप्लाई तुरंत बंद करा दी। नीचे खड़े अधिकारी लाउडस्पीकर के जरिए किशन लाल को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की लिखित गारंटी मिलने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण का कहना है कि उद्योगों के दबाव में किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इसी को वह “औद्योगिक आतंकवाद” बता रहा है। घटना के बाद सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन ग्रामीण को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में जुटा है।




