नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का बहुप्रतीक्षित अंतरिक्ष मिशन Axiom-4 अब 25 जून 2025 को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:01 बजे लॉन्च होने की संभावना है। यह जानकारी मंगलवार को NASA ने दी। अगर मिशन तय समय पर लॉन्च होता है, तो इसकी डॉकिंग इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से 26 जून की शाम 4:30 बजे होगी। यह मिशन स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए किया जाएगा।Ax-4 मिशन में चार देशों के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं—शुभांशु शुक्ला (भारत), टिबोर कापू (हंगरी), स्लावोज उज़्नान्स्की (पोलैंड) और मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन (अमेरिका)। शुभांशु इस मिशन में पायलट की भूमिका निभाएंगे और वे ISS पर जाने वाले पहले भारतीय तथा राकेश शर्मा के बाद स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय बनेंगे।
Ax-4 मिशन के दौरान अंतरिक्ष में कुल 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें से 7 भारत के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित हैं। इनमें माइक्रोग्रैविटी में स्प्राउट्स के अंकुरण, एल्गी पर रेडिएशन का असर, और फसलों के बीजों से संबंधित रिसर्च शामिल हैं। मिशन की सबसे खास बात है *डायबिटीज रिसर्च*, जो पहली बार माइक्रोग्रैविटी में किया जाएगा। शुभांशु शुक्ला और बाकी क्रू 14 दिनों तक लगातार ग्लूकोज मॉनिटर पहनेंगे। UAE की बुर्जील होल्डिंग्स द्वारा किए जा रहे इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि अंतरिक्ष में ब्लड शुगर और इंसुलिन का व्यवहार कैसा रहता है। इससे भविष्य में लंबे समय तक बिस्तर पर रहने वाले मरीजों और लकवा पीड़ितों के लिए Wearable टेक्नोलॉजी विकसित की जा सकेगी।
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अंतरिक्ष यात्री अपने साथ अलग-अलग तापमान में रखे गए *इंसुलिन पेन* भी लेकर जाएंगे ताकि यह जांचा जा सके कि माइक्रोग्रैविटी में इंसुलिन के अणुओं पर क्या प्रभाव पड़ता है। NASA फिलहाल इंसुलिन लेने वाले डायबिटिक रोगियों को स्पेस मिशन की इजाजत नहीं देता, लेकिन यह रिसर्च आगे का रास्ता खोल सकती है। Ax-4 मिशन विज्ञान, तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अंतरिक्ष में भारत की नई छलांग को चिह्नित करता है।




