भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भैंसमुंडी गांव में अंधविश्वास के चलते एक पोते ने अपने ही दादा की गला रेतकर हत्या कर दी। आरोपी पोता मानता था कि उसके दादा ने उस पर जादू-टोना किया है, जिससे वह निःसंतान रह गया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी कने सिंह कांगे की शादी करीब छह वर्ष पहले हुई थी, लेकिन अब तक उसे संतान नहीं हुई थी। इसके पीछे वह अपने दादा श्यामलाल को दोषी मानता था और यह भ्रम पाल रखा था कि श्यामलाल ने उस पर टोनही विद्या का प्रयोग किया है।
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घटना उस समय घटी जब श्यामलाल गांव में अपनी मुर्गियों की बाड़ी की रखवाली कर रहे थे। तभी कने सिंह ने मौका पाकर पहले श्यामलाल का मुंह दबाया और फिर ब्लेड से गला रेतकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। श्यामलाल की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल श्यामलाल ने अपने आखिरी शब्दों में बताया कि उसके पोते कने सिंह ने ही उस पर हमला किया है। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही घायल श्यामलाल ने दम तोड़ दिया।
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सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। आरोपी की तलाश शुरू की गई और कुछ ही घंटों में वह भैंसमुंडी से करीब एक किलोमीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर संदिग्ध अवस्था में बैठा मिला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।




