नई दिल्ली। भारत में तेजी से बढ़ते मोटापे की समस्या के बीच वजन घटाने वाली दवाओं का बाजार भी तेजी से विस्तार कर रहा है। हाल के महीनों में दो बड़ी फार्मा कंपनियों—एली लिली और नोवो नॉर्डिस्क—ने क्रमशः माउनजारो और वेगोवी जैसी दवाएं भारत में लॉन्च की हैं। अब इस दौड़ में भारतीय कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज भी शामिल होने जा रही है।
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डॉ. रेड्डीज ने ऐलान किया है कि वह नोवो नॉर्डिस्क की ब्लॉकबस्टर दवा वेगोवी का सस्ता जेनेरिक वर्जन लॉन्च करने की योजना बना रही है। कंपनी के CEO एरेज इजरायल के अनुसार, यह लॉन्चिंग पेटेंट खत्म होने के बाद की जाएगी, जिसकी भारत में समयसीमा मार्च 2026 बताई जा रही है।
कई देशों में लॉन्च की तैयारी
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. रेड्डीज शुरुआत में कनाडा, भारत, ब्राजील, तुर्की समेत कई उभरते बाजारों में इस दवा को उतारेगी। बाद में इसे अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में भी लॉन्च किया जाएगा।
इस जेनेरिक दवा का एक्टिव कंपाउंड सेमाग्लूटाइड है, जो नोवो नॉर्डिस्क की वेगोवी और ओजेम्पिक में भी इस्तेमाल होता है। यह दवा ग्लोबल ओबेसिटी मार्केट में एक बड़ा खिलाड़ी बन चुकी है, जिसकी 2030 तक 12,450 अरब रुपये के कारोबार की संभावना जताई जा रही है।
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रेगुलेटरी मंजूरी की प्रक्रिया शुरू
डॉ. रेड्डीज ने उन सभी देशों में आवश्यक रेगुलेटरी एप्लिकेशन दाखिल कर दी हैं, जहां वह इस दवा को लॉन्च करना चाहती है। भारत में मार्च 2026 में पेटेंट समाप्त होने के बाद इसके लॉन्च की राह आसान हो जाएगी।
क्यों है ये दवा अहम?
- भारत में तेजी से बढ़ रही ओबेसिटी और डायबिटीज की समस्या।
- ब्रांडेड दवाओं की कीमतें काफी अधिक, जिससे आम लोगों के लिए पहुंच मुश्किल।
- जेनेरिक वैरिएंट के आने से लागत में भारी कमी और लार्ज-स्केल उपयोग की संभावना।




