Karwa Chauth Puja Vidhi At Home: करवा चौथ का पावन पर्व इस साल 9 अक्टूबर 2025 को मनाया जा रहा है। यह व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इस दिन करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार, पूजा से पहले महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और इसे अच्छे से सज-धजकर करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पंचांग अनुसार इस साल करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:57 बजे से 07:11 बजे तक रहेगा। पूजा के बाद रात में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य देने की परंपरा होती है।
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घर पर अकेले करवा चौथ पूजा करने का तरीका
- पूजा स्थल तैयार करना: दीवार पर करवा चौथ पूजा कैलेंडर लगाएं या माता गौरी की तस्वीर/प्रतिमा स्थापित करें।
- कलश स्थापना: कलश में सिक्का, सुपारी, हल्दी और अक्षत डालें। इसके ऊपर 5 से 7 आम या अशोक के पत्ते रखें। कलश को किसी पात्र से ढकें और उसके ऊपर थोड़े अक्षत डालें। कलश पर घी का दीपक भी रखें।
- करवा तैयारी: मिट्टी या तांबे के करवे में जल भरें। करवे में 4 सींकें लगाएं और चांदी का सिक्का या अंगूठी डालें। करवे को ढककर उसके मुख पर मीठा रखें। यह करवा चांद को अर्घ्य देने के लिए उपयोग किया जाएगा।
- दान का करवा: दूसरा करवा दान के लिए तैयार करें। इसमें खील, बताशे, मिठाई, गुलगुले आदि भरें। जो महिलाएं घर पर अकेले पूजा करती हैं, वे दो करवे भरती हैं—एक अपने लिए और एक माता गौरी के लिए।
- पूजा सामग्री: पूजा स्थल पर छलनी और कटोरी में गेहूं रखें। धूप, दीप, चन्दन, रोली और सिंदूर से विधिपूर्वक पूजा करें। हाथ में अक्षत लेकर व्रत कथा सुनें या पढ़ें। माता को सुहाग सामग्री चढ़ाएं और भोग लगाएं।
- आरती और व्रत खुलना: पूजा के बाद करवा चौथ की आरती करें। रात में चंद्रमा को अर्घ्य दें और छलनी से उसे देखकर पति के दर्शन करें। फिर पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोलें।
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करवा बदलने की परंपरा
जो महिलाएं घर पर अकेले पूजा करती हैं, वे अपना करवा माता गौरी से बदलती हैं। इसके लिए पार्वती माता की तस्वीर या मिट्टी की प्रतिमा का उपयोग किया जा सकता है। करवा बदलते समय सात बार हाथ क्रॉस करके बोलें: ले सुहागन ले करवा, दे सुहागन दे करवा।
पूजा समाप्त होने के बाद करवा दान करना भी शुभ माना जाता है। इस प्रकार घर पर अकेले भी करवा चौथ की पूजा विधिपूर्वक की जा सकती है और पति व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना पूरी श्रद्धा के साथ की जा सकती है।




