भारतीय संस्कृति में तुलसी को धार्मिक और औषधीय दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, वहीं आयुर्वेद में इसे अनेक रोगों का अचूक उपचार माना गया है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी का पौधा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है, जबकि दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाना अशुभ माना जाता है। कार्तिक माह, विशेषकर एकादशी का दिन, तुलसी रोपण के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
वैज्ञानिक दृष्टि से अक्टूबर-नवंबर का समय पौधे की वृद्धि के लिए अनुकूल होता है। तुलसी सुबह के समय लगानी चाहिए और अमावस्या के दिन रोपण से बचना चाहिए। रोज सुबह तुलसी को जल अर्पित करें, शाम को दीपक जलाएं, और पौधे के आसपास सफाई रखें। रविवार और संक्रांति के दिन जल अर्पण न करें।




