बीजापुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बीजापुर जिले में दो नए सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप स्थापित किए गए हैं। ये कैंप भोपालपटनम थाना क्षेत्र के ग्राम कांडलापर्ती-2 और फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पिल्लूर में शुरू किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, पिछले एक वर्ष में जिले में कुल 21 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘नियद नेल्ला नार’ के तहत की गई है। इस योजना का उद्देश्य अबूझमाड़ और बस्तर के दुर्गम इलाकों तक शासन की बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और नेटवर्क का विस्तार करना है।
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अंतर्राज्यीय संपर्क होगा मजबूत
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दोनों कैंपों की स्थापना पूरी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इन इलाकों में विकास की नई संभावनाओं के द्वार भी खोलेगा।
इन नए कैंपों से भोपालपटनम, फरसेगढ़, सेण्ड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के बीच अंतर्राज्यीय संपर्क को मजबूती मिलेगी। भविष्य में नेशनल पार्क क्षेत्र के गांवों को भी सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
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सुरक्षा अभियानों में बड़ी सफलता
जिला पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 21 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इन अभियानों के परिणामस्वरूप 599 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 196 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए और 986 को गिरफ्तार किया गया है।
हाल ही में बस्तर संभाग में 210 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिसे सुरक्षा बलों की एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। साल 2023-24 और 2024-25 के दौरान जिले में कुल 43 सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं।




